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| रवीश कुमार के साथ प्रमोद कुमार बर्णवाल |
आज जब मैं अपने हिन्दी विभाग, बीएचयू, वाराणसी पहुंचा तो पता चला कि एनडीटीवी के पत्रकार रवीश कुमार वहां आए हुए हैं। इधर जब से 16 वीं लोकसभा चुनाव के विभिन्न चरणों की शुरूआत हुई है विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं और चैनलों के पत्रकार चुनाव से संबंधित समाचार प्रकाशित प्रसारित करने में लगे हुए हैं। एनडीटीवी के पत्रकार रवीश कुमार भी विभिन्न शहरों और गाँवों में जा रहे हैं और चुनाव के बारे में लोगों के विचार जानने का प्रयास कर रहे हैं, इसी क्रम में वे बीएचयू, वाराणसी आए हुए थे।
मैं जब तक विभाग के गेट पर पहुंचा विभिन्न छात्र छात्राएं तथा प्रोफेसर रवीश कुमार के सामने अपने विचार रख चुके थे। कैमरा आॅफ़ हो चुका था, और विभिन्न छात्र छात्राएं रवीश कुमार के साथ फोटो खिंचवाने में लगे हुए थे। हिन्दी विभाग के ही एक प्रोफेसर रामाज्ञा राय ने रवीश कुमार को चाय का आॅफर दिया।
रवीश कुमार, रामाज्ञा राय और विभिन्न छात्र छात्राएं चाय के लिए मैत्री जलपान गृह की ओर बढ़े। मेरे मन में आया कि इन दिनों रवीश कुमार चुनाव के बारे में लोगों के विचार जानने के लिए जगह-जगह की यात्रा कर रहे हैं, तो फिर क्यों न लोकसभा चुनाव के बारे में उनके विचार जाना जाये। विभिन्न जगहों की यात्रा के बाद उन्हें क्या अनुभव हुआ है, इस बारे में उनसे पूछा जाये-- यहीसब सोचकर मैंने भी अपने कदम मैत्री जलपान गृह की ओर बढ़ा दिये।
मैंने सोचा था कि रवीश कुमार से कुछ सवाल जवाब करूंगा लेकिन इसकी आवश्यकता महसूस नहीं हुई क्योंकि विभिन्न छात्र रवीश कुमार से बहुतकुछ जानने के लिए उत्सुक थे। कटलेट के स्वाद और चाय की चुस्कियों के बीच छात्रों ने एक के बाद एक उनसे कई सवाल पूछे, और रवीश कुमार ने भी उनका विनम्रता पूर्वक जवाब दिया। इन सवालों में मेरे भी सवाल छिपे हुए थे, अतः मुझे कुछ भी पूछने की ज़रूरत महसूस नहीं हुई। छात्रों ने जो सवाल किये और रवीश कुमार ने जो जवाब दिये, उनके ही भाव संक्षेप में यहां प्रस्तुत कर रहा हूँ --
एक छात्र ने रवीश कुमार से पूछा कि सर आप इतनी जगहों पर जा रहे हैं, मीडिया में बार बार आ रहा है कि नरेन्द्र मोदी की लहर है, आप इस बारे में क्या सोचते हैं ? क्या आपको विभिन्न जगहों पर नरेन्द्र मोदी की लहर दिखी ? इसके जवाब में रवीश कुमार ने कहा, ’’दरअसल लोग विभिन्न राजनीतिक दलों से खफा हैं। ’कास्ट एलाइन्स’ टूटा है, और इसीलिए लोगों का झुकाव नरेन्द्र मोदी की तरफ हुआ है।’’
एक छात्र ने उनसे सवाल किया कि सर हमें अपना वोट किसे देना चाहिए ? क्या हमें यह सोचकर वोट देना चाहिए कि हमारा वोट प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार को जा रहा है ? इस पर रवीश कुमार ने कहा, ’’विभिन्न राजनीतिक पार्टियां एक कैम्पेन करने में लगी रहती हैं, ताकि जनता अपने उम्मीदवार की योग्यता अयोग्यता को नज़रअंदाज़ करके वोट दें। सभी को चाहिए कि वे अपने लोकसभा क्षेत्र के उम्मीदवार को देखकर वोट दें। वैसे भी संविधान के अनुसार ये चुनाव 16वीं लोकसभा के गठन के लिए हो रहे हैं न कि प्रधानमंत्री के चुनाव के लिए, जनता को अधिकार और कर्तव्य है कि वह अपना प्रतिनिधि चुनकर लोकसभा में भेजें, कौन प्रधानमंत्री बनता है या नहीं बनता है यह उसके विचार-क्षेत्र में नहीं है। इसे इस तरह से समझिये कि आप छात्र हैं, आप किसी क्लास में पढ़ रहे हैं, आपका एक सिलेबस है, आपकी चिन्ता अपने सिलेबस को पूरा करने की होनी चाहिए।’’
एक छात्र ने सवाल किया कि लेकिन सर, अगर किसी नेता को अपने क्षेत्र में चुनते हैं और उसकी पार्टी को बहुमत नहीं आता है, तब तो फिर से चुनाव होंगे, खर्च बढे़गा। इस पर रवीश कुमार ने उसी छात्र से सवाल किया, ’’आपका पैसा खर्च होगा ? देखिये खर्च सरकार का होगा, आपको इसकी फिक्र करने की ज़रूरत नहीं है। और यह अच्छा ही है न पार्टियां प्रचार में इतना पैसा खर्च करती हैं जल्दी जल्दी चुनाव हुआ तो हुआ तो जनता भी देखेगी कि उनके पास कितना पैसा है।
एक छात्र ने सवाल किया, ’’सर, ’आप’ पार्टी ने दिल्ली में जो इस्तीफा दिया, वह ठीक किया या नहीं ?’’ इस पर रवीश कुमार ने कहा, ’’अरविन्द केजरिवाल ने अम्बानी और मीडिया पर सवाल नहीं उठाया होता तो वे अभी भी सत्ता में होते, लेकिन ठीक ही है कि उन्होंने उनपर सवाल उठाया, आखिर कौन उठायेगा, किसी को तो उठाना चाहिए। एक छात्र ने कहा, ’’पिछले साठ वर्षों में देश की राजनीति में कुछ भी बदलाव नहीं हुए हैं.....।’’ रवीश कुमार ने बीच में ही उस छात्र को टोका, ’’नहीं, ऐसा नहीं कह सकते हैं, बदलाव हुए हैं। लेकिन राजनीति में एक बड़े बदलाव के लिए कम से कम बीस वर्ष चाहिए। बीस वर्ष तक किसी को लगना पडे़गा।’’ इस पर उस छात्र ने कहा, ’’सर, आप क्या सोचते हैं कि अरविन्द केजरीवाल अपना बीस वर्ष राजनीति के लिए देंगे ? इस पर रवीश कुमार ने जवाब दिया, ’’सवाल यह नहीं है कि अरविन्द केजरिवाल राजनीति को बीस वर्ष देंगे या नहीं, सवाल यह है कि क्या आप उनका साथ देंगे ?’’
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